समाचार पत्र का महत्व – Importance Of Newspaper in Hindi

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importance of newspaper

Importance of newspaper in hindi :- समाचार पत्र का महत्व भारत में समाचार की बात करें तो आज भी लोग ऑनलाइन की जगह समाचार पत्र पढ़ना  ज्यादा पसंद करते हैं । समाचार पत्र पढ़ने से हमें राष्ट्र और विश्व के साथ साथ हर क्षेत्र में क्या क्या विकास  हो रहा है उसका भी अच्छी तरह से पता चलता है । अगर हम हररोज नियमित समाचार पत्र पढ़ते है तो हमारा ज्ञान काफी बढ़ता है ।

समाचार पत्र विज्ञापन – Newspaper advertisement

आज भी भारत में समाचार पत्र से विज्ञापन करना विज्ञापन करने का सबसे प्रभावी रूप माना जाता है । आज के सोशल मीडिया के ज़माने में भी  लोग विज्ञापन करने के लिए ज्यादातर समाचार पत्र के माध्यम का ही उपयोग करते है । क्योकि सभी ये मानते है की समाचार पत्र में जो भी आता है वो सच ही होता है । कई बार विज्ञापन के रूप से लोगों के साथ धोखाधड़ी भी होती है क्योंकि कुछ लोग पैसे बनाने के लिए और निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए भी विज्ञापन देते हैं । इसलिए लोग समाचार पत्र के विज्ञापन में ज्यादा भरोसा रखते है ।

 

समाचार पत्र में क्लासिफाइड नाम का सेक्शन होता है जहां से हमें नौकरी,किराए पर मकान, उत्पाद की बिक्री और आदि की जानकारी विज्ञापन के रूप में अच्छे से  मिलती  है । अगर हमें किराए पर मकान लेना तो हम समाचार पत्र में दिया हुआ विज्ञापन देख कर किराये पर मकान ले सकते है । या फिर हम नौकरी की तलाश में हो तो हम समाचार पत्र के विज्ञापन  के माध्यम से अपने ज्ञान के मुताबित कहा पर नौकरी  उपलब्ध है वो देख कर नौकरी  के लिए आवेदन भी दे सकते है ।

 

समाचार पत्र का महत्व – Importance of newspaper in hindi

समाचार पत्र लोगों में जानकारी फैलाने का एक बहुत ही सशक्त माध्यम है. जानकारी बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है क्योंकि हमें यह जानते रहना चाहिए कि हमारे आस पास क्या हो रहा है और यह जानकारी सिर्फ हमें समाचार पत्र से ही मिल सकती है. चाहे कोई राजनेता हो या सामान्य आदमी समाचार पत्र बिना पक्षपात के दोनों के बारे में बिल्कुल सटीक और सिर्फ सच्ची बातें ही प्रकाशित करता है.इसीलिए चाहे अमीर हो या गरीब सबके घर समाचार पत्र जरूर आता है.

समाचार पत्र राष्ट्रीय हित और स्वास्थ्य लक्षी चिंता के मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाता है । सरकार अपने सभी आदेशों के प्रसार और प्रचार के लिए समाचार पत्र का ही उपयोग करती है और इसी तरह अगर हम समाचार पत्र पढ़ते हैं तो हमें सरकार के सभी आदेशों का भी ज्ञान मिलता है ।

 

समाचार पत्र के विज्ञापन इंटरनेट के माध्यम से कैसे दर्ज करें:

हमें यदि समाचार पत्र के विज्ञापन को ऑनलाइन दर्ज करना हो तो हम वो भी बड़ी आसानी से कर सकते है । उसमे हम वैवाहिक,  संपत्ति, भर्ती,  नाम परिवर्तन जैसे विज्ञापन को ऑनलाइन दर्ज कर सकते है । हम अपना विज्ञापन वैवाहिक, संपत्ति, भर्ती,  नाम परिवर्तन और आदि  इनमे से जिसमे देना हो वो पहले निश्चित  करते है और हमें किस समाचार पत्र में देना है

हो भी निश्चित करना होता है । इसके लिए हमें टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स और इसके जैसे अखबारों को पसंद करना होता है । और फिर हमें जिस शहर में विज्ञापन देना होता है उसके दर की सूचि को पसंद करना होता है । बाद में हमें जिस दिन को अपना विज्ञापन देना हो वो दिनांक को पसंद कर के हम बड़ी आसानी से समाचार पत्र में विज्ञापन दे सकते है ।

समाचार पत्र संस्था कैसे काम करती है-  how to work cited newspaper

समाचार संस्था एक ऐसा संगठन होता है जो समाचार को एकत्रित करने का काम करता है । ये संगठन अलग -अलग जगह से समाचार को एकत्रित करने के बाद उसे समाचार पत्रों , रेडियो , टेलीविज़न , पत्रिकाओं के प्रसारकों को बेच देते है । ये संगठन इस तरह सभी समाचार को  एकत्रित करने की सेवा प्रसारकों को देता है

इसलिए उसका दूसरा नाम समाचार सेवा है यानि की उसको समाचार सेवा भी कहा जाता है । भारत  में बहुत सारी प्रसिद्ध समाचार सेवा उपलब्ध है जैसे की पीटीआई (Press Trust of India),आईएएनएस (Indo-Asian News Service) ,एअनआई (Asian News International), युअनआई ( United News of India) और आदि । ये सभी समाचार संस्था समाचार एकत्रित करने का श्रेष्ठ काम करती है ।

ये बात तो हम सभी जानते है की समाचार पत्र पढ़ना हमारे लिए कितना फायदेमंद होता है फिर भी देखा जाये तो लोग समाचार पत्र इसलिए भी पढ़ना ज्यादा पसंद करते है की उसका दाम बहुत कम होता है । कोई भी इंसान अमीर , माध्यम वर्ग का या फिर कोई  गरीब भी समाचार पत्र खरीदने के लिए बड़ी आसानी से समर्थ हो जाता है । प्रतिदिन समाचार पत्र का खर्च लगभग ५-१0 रूपये जितना ही होता है तो इतना खर्च  करने के लिए कोई भी इंसान बड़ी आसानी से समर्थ हो सकता है । इतने कम दाम में बहुत सारा ज्ञान सिर्फ समाचार पत्र से ही हमें मिलता है इसलिए लोग समाचार पत्र पढ़ना ज्यादा पसंद करते है ।

अगर हम भारत की बात करे तो उसका नंबर पुरे विश्व में दूसरे स्थान पर है समाचार पत्र बाजार के लिए । भारत में सबसे ज्यादा हिंदी भाषा के समाचार पत्र का ही प्रसार होता है । हिंदी के अलावा मलयालम , तेलुगु ,मराठी , गुजराती , बंगाली , तमिल ,इंग्लिश आदि भाषा में भी समाचार पत्र का प्रकाशन होता है लेकिन हिंदी में समाचार पत्र पढ़ने वाले लोगो की संख्या ज्यादा है ।

 

भारत में समाचार पत्र कितने लोग पढ़ते है यह बात करे तो २०१७ में करीब ४०७ मिलियन जितने लोग समाचार पत्र पढ़ते थे और ये अंक बढ़ के २०१९ में ४२५ मिलियन हो गया है । इस रिपोर्ट के मुताबित हम ये अंदाजा अच्छे से लगा सकते है की दिन प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने वाले लोगो की संख्या बढ़ती जाती है ।

आज के इस डिजिटल ज़माने की बात करे तो लोग ज्यादातर समाचार पढ़ने के लिए समाचार पत्र का ही उपयोग करते है । लैपटॉप , टेबलेट या फिर स्मार्ट फ़ोन की जगह पर लोग समाचार पढ़ने के लिए समाचार पत्र को ही श्रेठ मानते है । अगर हम लैपटॉप , टेबलेट  में या फ़ी स्मार्ट फ़ोन में समाचार पढ़ते है तो उसमे उतना मजा नहीं आता है जितना समाचार पत्र पढ़ने में आता है क्योकि जो मजा समाचार पत्र में है वो कहा इस टेबलेट या फिर फ़ोन की स्क्रीन में होता है । फ़ोन या टेबलेट की स्क्रीन से हमारी आंखे भी ख़राब होती है और हम उतनी गति से  समाचार पढ़ भी नहीं पाते है ।

 

आखिर क्यों रेडियो से अच्छा समाचार पत्र है ?

रेडियो में समाचार सुनने से अच्छा यही होता है की हम समाचार पत्र पढ़े क्योकि रेडियो में हम सिर्फ सुन पाते है । ज्यादातर लोगो को सुनने से ज्यादा मजा समाचारपत्र में जो चित्र आता है वो देखने में आता है । समाचारपत्र में जो भी समाचार हो उन सब मुख्य समाचार के चित्र भी दिखाए होते है वो भी रंग बिरंगी होते है और इस वजह से ही लोग रेडियो सुनने की वजह समाचार पत्र पढ़ना पसंद करते है ।

 

समाचार पत्र कैसे एकत्रित होते है :-

अगर बात की जाये की समाचार संस्था कैसे समाचार एकत्रित करती है और आखिर में समाचार कैसे बनते है तो समाचार संस्था जहा भी कुछ हादसा हुआ होता है वहा पर जाती है और वहा जो लोग मौजूद होते है उससे पता लगा के समाचार बनाती है ।

लोगो के दिए हुए जवाब और बताई हुई बातो पर अच्छे से जाँच पड़ताल करने का काम समाचार संस्था का होता है । जाँच पड़ताल करने के बाद में उन हादसे का अच्छे से वर्णन करके समाचार बनते है । वो लोग इनमे से किस समाचार को ज्यादा महत्व देना है वो देख कर वैसे ही समाचार एकत्रित करते है ।आखिर में उन समाचार को प्रसारकों को बेच दिया जाता है ।

निष्कर्ष :

भारत भले ही पूरा डिजिटल हो जाए लेकिन आज भी समाचार पत्र का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है.काफी लोगों की दिन की शुरुआत ही समाचार पत्र से होती है. जो मजा चाय के साथ सस्ते से समाचार पत्र पढ़ने में आता है वह मजा महंगे टेबलेट और फोन मैं नहीं आता.

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हेलो मेरा नाम भरत नेगी है और मुझे ब्लॉग लिखना नेहड़ पसंद है अगर आप नेव्स्पपेर्स से रिलेटेड को भी जानकारी चाहते है तो आज ही विजिट करे – www.creativethinksmedia.com
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